
खंडवा जिले के एक गाँव में दशहरे के दिन एक दर्दनाक हादसा हुआ, जब मूर्ति विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर अचानक पलट गया। इस हादसे में कई श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हुए, जबकि कुछ की मौके पर ही मौत हो गई। पूरे इलाके में हादसे के बाद शोक और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
हादसा कैसे हुआ?
स्थानीय लोगों के अनुसार, दशहरे के दिन विसर्जन के लिए श्रद्धालु ट्रैक्टर पर सवार होकर नदी या तालाब की ओर जा रहे थे। ट्रैक्टर पर भारी संख्या में लोग मौजूद थे और संकरा रास्ता और भीड़ के कारण चालक का नियंत्रण बिगड़ गया। अचानक ट्रैक्टर पलट गया, जिससे कई लोग नीचे गिर गए और गंभीर चोटें आईं।
मृतकों और घायलों की स्थिति
हादसे में कई लोगों की जान चली गई और कई गंभीर रूप से घायल हुए। घायलों को तुरंत नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस और प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर राहत कार्य शुरू किया। मृतकों की पहचान की जा रही है और परिवारों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

दशहरा के दिन माहौल
दशहरा का दिन श्रद्धालुओं के लिए खुशी और उत्सव का अवसर होता है, लेकिन इस हादसे ने पूरे खंडवा जिले को शोक में डाल दिया। ग्रामीण और श्रद्धालु हादसे के दृश्य देखकर स्तब्ध रह गए। प्रशासन ने आसपास के क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है ताकि आगे कोई हादसा न हो।
प्रशासन और राहत कार्य
पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। घायल श्रद्धालुओं का इलाज जारी है। प्रशासन ने हादसे की पूरी जांच का आदेश दिया है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा उपायों को कड़ा करने की योजना बनाई है।
निष्कर्ष
दशहरे का पर्व भक्ति और खुशियों का प्रतीक है, लेकिन खंडवा में हुए इस हादसे ने दिखा दिया कि सुरक्षा के बिना त्योहार मातम में बदल सकता है। यह घटना सभी को सचेत रहने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की सीख देती है।
